एनआईटी राउरकेला के पूर्व छात्र और स्नातक विद्यार्थीयों का मिलन समारोह
सतिश शर्मा (उप संपादक)
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला में 12 मई को 62वें वार्षिक होमकमिंग समारोह एवं वर्ष 2026 के स्नातक विद्यार्थियों के लिए एलुमनाई इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन एनआईटी राउरकेला एलुमनाई एसोसिएशन (निटरा) तथा सेंटर फॉर एलुमनाई, इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल रिलेशंस (एआईआईआर) द्वारा भुवनेश्वर बेहरा ऑडिटोरियम में किया गया।
इस भव्य समारोह में पूर्व छात्र, स्नातक विद्यार्थी, शिक्षकगण, विशिष्ट अतिथि एवं संस्थान के अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआईटी राउरकेला के निदेशक एवं निटरा के संरक्षक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मधुसूदन पाढ़ी, राज्य निर्वाचन आयुक्त तथा संस्थान के 1984 बैच के पूर्व छात्र उपस्थित रहे। सम्मानित अतिथियों में सुसांत कुमार नाथ, बिस्वरंजन पलई तथा संजीव शर्मा शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत निटरा के महासचिव प्रो. एच. के. नाइक द्वारा संस्था की गतिविधियों की प्रस्तुति से हुई। इस अवसर पर स्टूडेंट एलुमनाई रिलेशंस सेल (एसएआरसी) द्वारा तैयार स्नातक बैच का पहला “क्लास सॉन्ग” भी जारी किया गया।
एलुमनाई, इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के डीन प्रो. एच. बी. साहू ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व, समर्पण और टीमवर्क के कारण एनआईटी राउरकेला नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों से संस्थान से निरंतर जुड़े रहने और विभिन्न मंचों व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संस्थान की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि एआईआईआर सेंटर विद्यार्थियों के रोल नंबर को स्थायी एलुमनाई पहचान संख्या के रूप में अपनाने की योजना बना रहा है।
मुख्य अतिथि मधुसूदन पाढ़ी ने अपने पेशेवर जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने कार्य को आनंद और जुनून के साथ करें। सम्मानित अतिथियों ने भी अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं और संस्थान की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने और अपने मातृ संस्थान से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने इस अवसर पर आर्थिक रूप से जरूरतमंद मेधावी विद्यार्थियों के लिए 40 छात्रवृत्तियों की घोषणा की। इनमें से 20 छात्रवृत्तियां एनआईटी राउरकेला ओवरसीज एलुमनाई एसोसिएशन (निटरोआ) द्वारा स्थापित निधि से प्रदान की जाएंगी, जबकि शेष 20 छात्रवृत्तियां एआईआईआर सेंटर के संसाधनों से दी जाएंगी।
प्रो. राव ने संस्थान के विकास में सहयोग के लिए निटरोआ का आभार व्यक्त किया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल अंकों, ग्रेड या पदों के आधार पर स्वयं को परिभाषित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अंक, ग्रेड और पद केवल जीवन की उपलब्धियों के पड़ाव हैं, व्यक्ति की वास्तविक पहचान नहीं।”
स्नातक विद्यार्थियों ने संस्थान, शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें आत्मविश्वासी और भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाया। उन्होंने निटरा और एआईआईआर सेंटर को इस भव्य आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
समारोह के दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता और विशिष्ट उपलब्धियों के लिए कई एंडोमेंट पुरस्कार भी प्रदान किए गए। आलोक मिश्रा को ‘शैललता मेमोरियल अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। ‘असीम चौधरी मेमोरियल अवार्ड’ किंजल भट्टाचार्य को प्रदान किया गया। वहीं ‘शिलादित्य पटनायक मेमोरियल अवार्ड’ श्रीमय सारंगी को तथा ‘श्री देबाशीष मेमोरियल अवार्ड’ अनिकेत नायक को सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर छात्र के रूप में प्रदान किया गया।





